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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में बदलाव
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होना आम है। आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत में बदलाव या चकतà¥à¤¤à¥‡, खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤•à¥à¤¸, काले धबà¥à¤¬à¥‡ और मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से à¤à¥€ हो सकते हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में ये आमतौर पर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की गà¥à¤°à¤‚थियों, चयापचय (मेटाबोलिजà¥à¤®) और रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ में आने वाले बदलावों की वजह से होते हैं। इनमें से कà¥à¤› से आप बच नहीं सकतीं, मगर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार के सेवन से, सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ और मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° लगाने से और कà¥à¤› à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में मदद मिल सकती है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ की अधिकांश समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सामानà¥à¤¯ हैं और शिशॠके जनà¥à¤® के बाद अपने आप ठीक हो जाती हैं। मगर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में बदलावों को लेकर आप चिंतित हैं तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में होने वाले बदलाव नà¥à¤•सानदेह होते हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ में होने वाले आम बदलाव आपके या गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके लिठनà¥à¤•सानदेह नहीं होते। तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत में बदलाव अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह से à¤à¥€ हो सकता है, जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि इसका कारण गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ हो। कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ किसी गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का संकेत हो सकते हैं, जिसमें चिकितà¥à¤¸à¤•ीय उपचार की जरà¥à¤°à¤¤ होती है।
सामानà¥à¤¯à¤¤: निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ में कोई नई समसà¥à¤¯à¤¾ सामने आना
आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ और बढ़ती ही जा रही हो।
आपको बà¥à¤–ार के साथ चकतà¥à¤¤à¥‡ à¤à¥€ हो रहे हों।
आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ हो रही हो विशेषकर हाथों और पैरों में मगर चकतà¥à¤¤à¥‡ न हो रहे हों।
आपके तिल-मसà¥à¤¸à¥‡ या जनà¥à¤®à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¹ के रंग या माप में बदलाव लगे।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से संबंधी कोई अनà¥à¤¯ परेशानी या चिंताजनक लकà¥à¤·à¤£à¥¤
आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ की जांच करने के बाद संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ समसà¥à¤¯à¤¾ का पता लगाने के लिठकà¥à¤› टेसà¥à¤Ÿ करवाने के लिठकह सकती हैं। अगर जरà¥à¤°à¥€ हà¥à¤† तो वे आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ के डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास डरà¥à¤®à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥â€à¤Ÿ जाने के लिठकह सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मेरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ काली कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ पड़ रही है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत गहरी होना और धबà¥à¤¬à¥‡ या निशान होना आम है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को मेलासà¥à¤®à¤¾ या कà¥à¤²à¥‹à¤à¤¸à¥à¤®à¤¾ कहा जाता है।
मेलासà¥à¤®à¤¾ तब होता है जब आपका शरीर अतिरिकà¥à¤¤ मेलानिन बनाता है। मेलानिन à¤à¤• रंजक (पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट) है जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ को अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤µà¤¾à¤¯à¤²à¥‡à¤Ÿ किरणों से बचाता है। à¤à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ की वजह से होता है मगर पारिवारिक इतिहास की à¤à¥€ इसमें à¤à¥‚मिका हो सकती है।
मेलासà¥à¤®à¤¾ को कई बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का मासà¥à¤• à¤à¥€ कहा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि काले धबà¥à¤¬à¥‡ आमतौर पर होंठके ऊपर, नाक, गाल की हडà¥à¤¡à¥€ (चीकबोनà¥à¤¸) और माथे पर उà¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं, मासà¥à¤• के आकार में।
आपको गालों पर जॉलाइन के पास या अगà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤œà¥‚ और अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‡ जो धूप के संपरà¥à¤• में आते हैं वहां à¤à¥€ गहरे रंग के धबà¥à¤¬à¥‡ हो सकते हैं।
इसके अलावा जिस हिसà¥à¤¸à¥‡ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पहले से ही रंजकता जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो - जैसे कि निपà¥à¤ªà¤² और आसपास की तà¥à¤µà¤šà¤¾ (à¤à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¤¾), à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤‚, निशान और जननांगों की तà¥à¤µà¤šà¤¾, वे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गहरे रंग की हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° उन जगहों पर à¤à¥€ होता है जहां रगड़ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लगती हो जैसे कि बगल (अंडरआरà¥à¤®) और जांघों में अंदर की तरफ।
अपने इन काले धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ को लेकर आपका चिंतित होना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है, मगर डिलीवरी के à¤à¤• साल के अंदर ये धबà¥à¤¬à¥‡ हलà¥à¤•े पड़ जाते हैं।
कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ पाती हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद हॉमोनल गरà¥à¤à¤¨à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से ये धबà¥à¤¬à¥‡ हलà¥à¤•े नहीं पड़ते या और गहरे हो जाते हैं। अगर आपके साथ à¤à¤¸à¤¾ हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने के लिठउपचार बता सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ को मेलासà¥à¤®à¤¾ से बचाने के उपाय
धूप में रहने से आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के ये धबà¥à¤¬à¥‡ और काले हो जाà¤à¤‚गे व जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखाई देंगे। इसलिठजब à¤à¥€ बाहर जाà¤à¤‚ तो छाता लेकर या टोपी पहनकर जाà¤à¤‚ और जितना हो सके छाया में रहने की कोशिश करें।
अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के टाइप के आधार पर उचित सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ चà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¨à¥‡ के लिठकोई à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ लें। हो सकता हैं इन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ न हो।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की रंगत à¤à¤• समान करने के लिठआप अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रंग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° उचित मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤°, फांउडेशन और कंसीलर लगा सकती हैं।
बेहतर है कि आप वैकà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग न कराà¤à¤‚। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बाल हटाने के लिठवैकà¥à¤¸ के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन व असहजता हो सकती है जिससे मेलासà¥à¤®à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बढ़ सकती है। खासतौर पर शरीर के उन हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में जहां रंजकता में बदलाव आ रहा है।
"पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी गà¥à¤²à¥‹" कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
"पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी गà¥à¤²à¥‹" यानि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का निखार केवल à¤à¤• कहावत नहीं है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमी बनाठरखती है, जिससे इसमें फà¥à¤²à¤¾à¤µà¤Ÿ या à¤à¤°à¤¾à¤µà¤Ÿ आती है। इस वजह से पतली रेखाà¤à¤‚ और à¤à¥à¤°à¥à¤°à¥€à¤¯à¤¾à¤‚ सपाट हो जाती हैं।
गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ निखार जो आपके चेहरे पर रौनक लाता है, वह हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के बढ़े हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤° और शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ रकà¥à¤¤ संचरण की वजह से होता है। हालांकि, रकà¥à¤¤ संचरण में उतार-चढ़ाव रहेगा। इसलिठआपको कà¤à¥€ गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ महसूस होगी और कई बार ठंडक लगेगी और रंगत à¤à¥€ फीकी लगेगी।
सका à¤à¤• नकारातà¥à¤®à¤• असर यह है कि जब आपका शरीर नमी को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है, तो इससे आपकी à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और टांगों में सूजन आ सकती है। साथ ही तà¥à¤µà¤šà¤¾ में रकà¥à¤¤ के पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ से चेहरे, गरà¥à¤¦à¤¨ या छाती पर लाल निशान दिखाई दे सकते हैं। डिलीवरी के कà¥à¤› महीनों में ये अपने आप ठीक हो जाà¤à¤‚गे।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी गà¥à¤²à¥‹ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूसरी तिमाही में दिखाई देता है, हालांकि जरà¥à¤°à¥€ नहीं है कि सà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के चेहरे पर यह निखार दिखाई दे।
यह बात धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखें कि यदि आपके चेहरे पर निखार न लगे तो यह किसी गड़बड़ का संकेत कतई नहीं है। इसी तरह, पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी गà¥à¤²à¥‹ होना à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी विशेष बात का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• नहीं होता (जैसे कि शिशॠका लिंग आदि का)।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में नाà¤à¤¿ के नीचे गहरी लाइन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बन रही है?
आपके पेट के बीच से नीचे की तरफ लंबवत जा रही रेखा को लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ कहा जाता है, जिसका लैटिन à¤à¤¾à¤·à¤¾ में अरà¥à¤¥ है "काली रेखा"।
यह आमतौर पर आपकी पà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤¤à¤®à¥à¤¬à¤¾à¤¸à¥à¤¥à¤¿ (पà¥à¤¯à¥‚बिक बोन) के ऊपरी सिरे से शà¥à¤°à¥ होकर पेट के मधà¥à¤¯ तक आती है, मगर कई बार यह आपकी नाà¤à¤¿ से होते हà¥à¤ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¬à¥‹à¤¨ के ठीक नीचे तक पहà¥à¤‚च जाती है।
लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ आपके पेट की मांसपेशियों पर उà¤à¤°à¤¤à¥€ हैं, जो कि गरà¥à¤ में बढ़ते हà¥à¤ शिशॠको जगह देने के लिठखिंचती हैं सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š होती हैं और थोड़ी खà¥à¤²à¤¤à¥€ हैं। मगर लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ मांसपेशियों के खà¥à¤²à¤¨à¥‡ पर हà¥à¤ गैप की वजह से नहीं होती। à¤à¤¸à¤¾ शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में मेलानिन बनने की वजह से होता है, जिसकी वजह से चेहरे पर मेलासà¥à¤®à¤¾ के धबà¥à¤¬à¥‡ होते हैं। इसके अलावा हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ में बदलाव à¤à¥€ इसका कारण हैं।
लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ आमतौर पर दूसरी तिमाही के आसपास उà¤à¤°à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥ होती है। अधिकांश गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के साथ à¤à¤¸à¤¾ होता है, मगर साफ रंगत वाली महिलाओं में यह इतनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखाई नहीं देती। शिशॠके जनà¥à¤® के कà¥à¤› महीनों बाद यह रेखा हलà¥à¤•ी पड़ जानी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ को कम करने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करें
धूप की वजह से लिनिया नाइगà¥à¤°à¤¾ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखाई दे सकती है, इसलिठयदि आप चाहें तो धूप में इसे ढक कर रखें।
उचित सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें और बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक धूप में न रहें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मेरी तà¥à¤µà¤šà¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संवेदनशील कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ हो गई है?
हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ का बढ़ा हà¥à¤† सà¥à¤¤à¤° और तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ इसका कारण होता है। साथ ही गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खिंचाव जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है और यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नाजà¥à¤• हो जाती है, इसलिठआपको संवेदनशीलता जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महसूस होती है।
आप शायद पाà¤à¤‚गी कि आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ आसानी से जल जाती है या धूप में रहने से सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चà¥à¤à¤¨ होती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले जिन चीजों से तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर फरà¥à¤• नहीं पड़ता था अब उनके पà¥à¤°à¤¤à¤¿ संवेदनशीलता जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होना à¤à¥€ सामानà¥à¤¯ है, जैसे कि सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग पूल के पानी में कà¥à¤²à¥‹à¤°à¥€à¤¨ से। आप कई महीनों या सालों से जो साबà¥à¤¨, परफà¥à¤¯à¥‚म और सà¥à¤•िनकेयर उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर रही थीं, हो सकता है अचानक उनसे आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में असहजता होने लगे।
यह जानने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें कि आपको जलन व खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ होने की वजह कà¥à¤¯à¤¾ है। कहीं आपका वाशिंग पाउडर या फैबà¥à¤°à¤¿à¤• सॉफà¥à¤Ÿà¤¨à¤° तो इसकी वजह नहीं है? कà¥à¤› महिलाओं का मानना है कि बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कलफ लगी सूती साड़ियां और कà¥à¤°à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ पहले से ही संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ में और अधिक जलन पैदा कर सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में संवेदनशील तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठउपाय:
ढीले-ढाले, सूती कपड़े पहने जिनमें बहà¥à¤¤ कम या फिर बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ कलफ न लगी हो। सिंथेटिक फाइबर से बने कपड़े गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ बनाठरखते हैं और इनमें हवा की आवाजाही इतनी नहीं हो पाती जिससे जलन व असहजता होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है, खासतौर पर गरà¥à¤® व आरà¥à¤¦à¥à¤° मौसम में।
आप जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥€ में न रहें और तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° लगाà¤à¤‚। जिन जगहों पर खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है वहां मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° या लोशन लगाने या फिर बाथ à¤à¤®à¥‹à¤²à¤¿à¤à¤‚ट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रह सकती है।
हमेशा डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया हाई-फैकà¥à¤Ÿà¤° सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ लगाà¤à¤‚। कोशिश करें कि जितना हो सके तà¥à¤µà¤šà¤¾ को सीधी धूप से बचाà¤à¤‚।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में चेहरे पर मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से और पिमà¥à¤ªà¤² कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ निकल रहे हैं?
चाहे आपको पहले कà¤à¥€ à¤à¥€ मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से न हà¥à¤ हों तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ये हो सकते हैं। और अगर आप पहले से मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों की समसà¥à¤¯à¤¾ से जूठरही हों, तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ये और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकते हैं। वहीं दूसरी तरह कà¥à¤› महिलाओं में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पिमà¥à¤ªà¤² निकलने कम हो जाते हैं, इसलिठइसके बारे में कà¥à¤› कहा नहीं जा सकता।
हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के बढ़े हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤° की वजह से सीबम (तेल जो आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नम बनाठरखता है) के उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ को बढ़ावा मिलता है। यह अतिरिकà¥à¤¤ सीबम, डेड सà¥à¤•िन सेलà¥à¤¸ के साथ मिलकर रोमछिदà¥à¤°à¥‹à¤‚ को अवरà¥à¤¦à¥à¤§ करता है। इससे बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ने के लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ माहैल मिल जाता है। इस वजह से आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में जलन व खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ होने लगती है और दरà¥à¤¦ à¤à¤°à¥€ फà¥à¤‚सियां होने लगती हैं।
आपको हलà¥à¤•े बà¥à¤²à¥ˆà¤•हैडà¥à¤¸ और वà¥à¤¹à¤¾à¤‡à¤¹à¥‡à¤¡à¥à¤¸ से लेकर गंà¤à¥€à¤° निशान और गांठें हो सकती हैं। मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से आते-जाते रह सकते हैं या फिर ये पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बने रह सकते हैं। आमतौर पर ये आपके चेहरे पर दिखाई देते हैं मगर ये आपकी गरà¥à¤¦à¤¨, सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ और नितंबों पर à¤à¥€ हो सकते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों के उपचार के लिठहमेशा अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें और डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परà¥à¤šà¥€ के बिना कोई दवाà¤à¤‚ न लें। मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों के लिठयदि आप पहले से कोई दवाà¤à¤‚ ले रही हैं या फिर कोई कà¥à¤°à¥€à¤® या जैल लगा रही हैं तो इनके बारे में à¤à¥€ अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पहले पूछ लें।
मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों की कई दवाओं का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनसे शिशॠमें जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ दोष या यहां तक कि गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा रहता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ का मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सो से बचाव के उपाय:
अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को बार-बार बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦ साफ न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ में रूखापन आ सकता है। अपने चेहरे को दिन में दो बार सौमà¥à¤¯ साबà¥à¤¨ से धोà¤à¤‚, मेक-अप हटाने के लिठसà¥à¤—ंध रहित कà¥à¤²à¥€à¤‚जर का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। तà¥à¤µà¤šà¤¾ को साफ और तरोताजा रखने के लिठइतना काफी है।
आप तेल आधारित उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ की बजाय पानी आधारित उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें, इससे आपके रोमछिदà¥à¤° अवरà¥à¤¦à¥à¤§ नहीं होंगे। आप उन उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ को चà¥à¤¨à¥‡à¤‚ जिन पर "नॉन कॉमेडोजेनिक" या "पीà¤à¤š-बैलेंसà¥à¤¡" लिखा हो।
मà¥à¤¹à¤¾à¤‚सों और फà¥à¤‚सियों को दबाà¤à¤‚ या खरोंचे ना, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे निशान पड़ सकते हैं।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार का सेवन करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में चकतà¥à¤¤à¥‡ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होते हैं और कà¥à¤¯à¤¾ ये हानिकारक होते हैं?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बिना किसी सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारण के चकतà¥à¤¤à¥‡ (रैश) होना काफी आम है। हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के बढ़े हà¥à¤ सà¥à¤¤à¤°à¥‹à¤‚ के कारण आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ उन ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के संपरà¥à¤• में आने पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाती है, जिनका पहले कोई असर नहीं होता था।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाले अधिकांश चकतà¥à¤¤à¥‡ इसलिठनहीं होते कि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, बलà¥à¤•ि इनकी वजह अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जैसे कि डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या तà¥à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ होते हैं। गरà¥à¤®à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ घमौरियों या तापघात (हीट रैश) के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इन रैशेज की वजह से असहजता हो सकती है मगर ये कोई नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाते। इनसे आमतौर पर आपको या गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको कोई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती।
हालांकि, कà¥à¤› चकतà¥à¤¤à¥‡ किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हो सकते हैं, जिनकी जांच जरà¥à¤°à¥€ है।
à¤à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• इरपà¥à¤¶à¤¨ ऑफ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी (à¤à¤ˆà¤ªà¥€)
कà¥à¤› महिलाओं को लाल, खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले चकतà¥à¤¤à¥‡ हो जाते हैं जो à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ जैसे दिखते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• इरपà¥à¤¶à¤¨ ऑफ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी (à¤à¤ˆà¤ªà¥€) कहा जाता है। à¤à¤ˆà¤ªà¥€ की वजह से तà¥à¤šà¤šà¤¾ पर ददोड़े हो जाते हैं, अकà¥à¤¸à¤° कोहनी, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, कलाई और गरà¥à¤¦à¤¨ के आसपास। ये आमतौर पर चार-पांच महीने की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से पहले होते हैं।
à¤à¤ˆà¤ªà¥€ आपके या आपके शिशॠके लिठखतरनाक नहीं है, उपचार से राहत मिलती है और शिशॠके जनà¥à¤® के बाद यह अपने आप पूरी तरह ठीक हो जाता हे। हालांकि, यदि आपको à¤à¤• बार à¤à¤ˆà¤ªà¥€ हà¥à¤† हो तो अगली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤“ं में à¤à¥€ इसके दोबारा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। आपके शिशॠको à¤à¥€ à¤à¤—à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ होने की आंशका रहती है।
चाहे आपको लगे कि आपके चकतà¥à¤¤à¥‡ à¤à¤ˆà¤ªà¥€ नहीं हैं तो à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर खà¥à¤œà¤²à¥€ या रैश अगर दो-तीन दिनों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखा लें। इस तरह गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ होने से बचा जा सकता है, जो कि आपके शिशॠके लिठखतरनाक हो सकती हैं, जैसे कि ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤• कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¸à¤¿à¤¸à¥¤ यह यकृत से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ विकार है, जो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में विकसित हो सकता है।
पितà¥à¤¤à¥€ (अरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ारिया या नेटल रैश)
पितà¥à¤¤à¥€ (हाइवà¥à¤¸) गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ का आधा चरण बीत जाने के बाद होना आम है। पितà¥à¤¤à¥€ से आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर उà¤à¤¾à¤°, सूजन आ सकती है। à¤à¤¸à¤¾ तब होता है जब आपका शरीर जब तापमान में बदलाव, à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ पैदा करने वाले ततà¥à¤µ के संपरà¥à¤• में आने से या इनफेकà¥à¤¶à¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के तौर पर हिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¥€à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करता है।
बिचà¥à¤›à¥‚ बूटी के जैसे चकतà¥à¤¤à¥‡ या पितà¥à¤¤à¥€ शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ में हो सकते हैं। ये कà¥à¤› मिनटों या कà¥à¤› दिनों के लिठआते-जाते रह सकते हैं। पितà¥à¤¤à¥€ का à¤à¤‚टिहिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¥€à¤¨ दवा से आसानी से उपचार किया जा सकता है। आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° वह दवा बताà¤à¤‚गी जिसका सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हो।
पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸
पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸ नामक बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ आपके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸ à¤à¤• ऑटो इमà¥à¤¯à¥‚न सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। माना जाता है कि जब पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के कà¥à¤› अंश आपकी रकà¥à¤¤ वाहिका में चले जाते हैं तो à¤à¤¸à¤¾ होता है। आपका शरीर इन अंशों को हमला मान लेता है और आपकी रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर हमला करने के लिठà¤à¤‚टीबॉडीज बनाने लगती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ा सकते हैं, जिसकी वजह से अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले, लाल, फफोलों वाले चकतà¥à¤¤à¥‡ हो सकते हैं।
ये रैश आपके पेट पर मà¥à¤–à¥à¤¯à¤¤: नाà¤à¤¿ के आसपास होते हैं, हालांकि ये पीठ, नितंबों और बाजà¥à¤“ं तक à¤à¥€ फैल सकते हैं। ये अकà¥à¤¸à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के मधà¥à¤¯ से लेकर अंतिम चरण में हो सकते हैं।
पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸ का उपचार सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ से होता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद पहले तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लगाने वाली कà¥à¤°à¥€à¤® से शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करेंगी और यदि इससे आराम न मिले तो वे दवाà¤à¤‚ देंगी। डॉकà¥à¤Ÿà¤° वही सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ देंगी जिनका सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होगा।
अगर सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ से à¤à¥€ चकतà¥à¤¤à¥‡ में आराम न मिले तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आगे के उपचार के लिठआपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž के पास à¤à¥‡à¤œ सकती हैं।
पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸ से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ अधिकांश महिलाà¤à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशà¥à¤“ं को जनà¥à¤® देती हैं, मगर इस सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की वजह से समय से पहले जनà¥à¤® (पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤°) या शिशॠके अपने चरण से छोटा होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸ पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आता-जाता रह सकता है और अकà¥à¤¸à¤° डिलीवरी के बाद सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकती है। शिशॠके जनà¥à¤® के बाद इसे ठीक होने में हफà¥à¤¤à¥‡ या महीने लग सकते हैं।
अगर आपको पेमà¥à¤«à¥‡à¤—ॉइड जैसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¸ हो जाà¤, तो आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर नजदीकी निगरानी रखी जाà¤à¤—ी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे जटिलताà¤à¤‚ होने का खतरा रहता है। कà¥à¤› मामलों में नवजात शिशà¥à¤“ं में à¤à¥€ ये रैश हो जाता है, हालांकि, यह हलà¥à¤•ा होता है और कà¥à¤› ही हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ठीक हो जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान चकतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का उपचार:
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान बहà¥à¤¤ से कारणों की वजह से रैशेज हो सकते हैं। कई बार अलग-अलग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के à¤à¤• जैसे लकà¥à¤·à¤£ होते हैं, इसलिठआप खà¥à¤¦ इनका इलाज न करें।
हमेशा किसी à¤à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ की सही पहचान के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाठऔर उनके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठउपचार और दवाà¤à¤‚ लें।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की वजह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल नसें दिखने लगती हैं?
हां। आपके तà¥à¤µà¤šà¤¾ की बाहरी परत पर जो नसें दिख रही हैं वे शायद मकड़ी की टांगों जैसी नसें (सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेनà¥à¤¸ या थà¥à¤°à¥‡à¤¡ वेनà¥à¤¸) होंगी। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकहा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर दिख रही ये ननà¥à¤¹à¥€à¤‚ रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ाà¤à¤‚ मकड़ी की टांगों जैसी लगती हैं। हालांकि, कई बार ये पेड़ की टहनियों जैसी या टेढ़ी-मेड़ी पतली रेखाओं जैसी लग सकती हैं।
आपके शरीर में अतिरिकà¥à¤¤ रकà¥à¤¤ का संचरण हो रहा होता है, जिससे रकà¥à¤¤ वाहिकाओं पर दबाव पड़ता है और ईसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ को उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° की वजह से आपकी नसें टूट à¤à¥€ सकती हैं।
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेनà¥à¤¸ आपके चेहरे, आंखों के नीचे या चीकबोनà¥à¤¸ पर हो सकती हैं। इसके अलावा ये गरà¥à¤¦à¤¨, छाती, हाथों, अगà¥à¤°à¤¬à¤¾à¤œà¥‚ और कानों पर à¤à¥€ दिख सकती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में ये नसें दिखना काफी आम है और अकà¥à¤¸à¤° पहली और दूसरी तिमाही में à¤à¤¸à¤¾ होता है। सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेनà¥à¤¸ से सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ को नà¥à¤•सान नहीं होता और ये सामानà¥à¤¯à¤¤: किसी बीमारी का संकेत नहीं होती। बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में इनकी वजह से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
आप शायद पाà¤à¤‚गी कि आपकी हथेलियां अब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाल हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ऊपरी सतह की रकà¥à¤¤à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤•ाà¤à¤‚ चौड़ी हो गई है। इसे पामर à¤à¤°à¤¿à¤¥à¥‡à¤®à¤¾ कहा जाता है। ये नà¥à¤•सानदेह नहीं हैं और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेनà¥à¤¸ की ही तरह शिशॠके जनà¥à¤® के बाद अपने आप हलà¥à¤•ी पड़ जाती हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लाल नसों का उपचार:
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेनà¥à¤¸ अकà¥à¤¸à¤° डिलीवरी के छह-सात महीनों बाद अपने आप बेहतर हो जाती हैं। इस बीच आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मेक-अप से छà¥à¤ªà¤¾ सकती हैं।
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद à¤à¥€ ये नसें हलà¥à¤•ी न पड़ें तो शायद आपको लेजर सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवानी पड़ सकती है। हालांकि, सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¡à¤° वेनà¥à¤¸ को चिकितसकीय समसà¥â€à¤¯à¤¾ की बजाय सौंदरà¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¥ƒà¥€ संबंधी परेशानी माना जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान तà¥à¤µà¤šà¤¾ में गांठहोना चिंता की बात है?
आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में गांठशाायद पायोजेनिक गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤²à¥‹à¤®à¤¾ होगी, जिसे लोबà¥à¤²à¤° कैपिलरी हीमेंजियोमा à¤à¥€ कहा जाता है। इसमें बहà¥à¤¤ सारी छोटी रकà¥à¤¤ वाहिकाà¤à¤‚ असामानà¥à¤¯ रूप से बढ़ जाती हैं। ये गांठें नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाती, मगर इनमें आसानी से खून आ सकता है।
पायोजेनिक गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤²à¥‹à¤®à¤¾ आमतौर पर लाल या बैंगनी रंग का होता है। इन गांठों का माप कà¥à¤› मिलीमीटर से लेकर कà¥à¤› सेंटीमीटर तक हो सकता है। कà¥à¤› ही हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में ये तेजी से बढ़ सकती हैं और हाथ व पैरों समेत शरीर पर कहीं à¤à¥€ उà¤à¤° सकती हैं। यहां तक कि ये मà¥à¤‚ह के अंदर à¤à¥€ हो सकती हैं, जो कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में काफी आम है।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤²à¥‹à¤®à¤¾ देखने में à¤à¤¦à¥à¤¦à¤¾ लग सकता है। मगर अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि ये शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आमतौर पर अपने आप गायब हो जाते हैं। इनसे कैंसर नहीं होता या ये कैंसर वाली गांठों का रूप नहीं लेते। बहरहाल, यदि आपको कोई गांठदिखे जो बढ़ रही हो, आकार बदल रहा हो या उसके से खून आ रहा हो तो à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ के तौर पर हमेशा अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
गà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤²à¥‹à¤®à¤¾ का उपचार
अगर गांठडिलीवरी के बाद अपने आप ठीक न हो तो आपको इसके लिठउपचार करवाना होगा।
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हटाने के लिठआमतौर पर असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में छोटी सी चिकितà¥â€à¤¸à¤•ीय पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जाती है। आपको लोकल à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाà¤à¤—ा और डॉकà¥à¤Ÿà¤° गांठको हटाकर, घाव को गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ लगाकर सील कर देंगे।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में "सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸" होना सामानà¥à¤¯ है?
सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ (à¤à¤•à¥à¤°à¥‹à¤•ॉरडन) तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लटकता हà¥à¤† à¤à¤• उà¤à¤¾à¤° है जो पतली टहनी की तरह शरीर से चिपका होता है। ये आमतौर पर केवल कà¥à¤› ही मिलीमीटर लंबे होते हैं, चावल के दानें या इससे à¤à¥€ छोटे माप के। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान ये काफी आम हैं और कोई नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चाते।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की ऊपरी परतों में कोशिकाओं की अतिरिकà¥à¤¤ बढ़त की वजह से सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ होते हैं। ये अकà¥à¤¸à¤° शरीर के उन हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ पर पाठजाते हैं जहां तà¥à¤µà¤šà¤¾ आपस में या कपड़े से रगड़ खाती हैं जैसे कि सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे, चेहरे, गरà¥à¤¦à¤¨, छाती, बगल या ऊसंधि आदि।
वजन बढ़ने की वजह से à¤à¥€ सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ हो सकते हैं। इसलिठगरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाली वजन वृदà¥à¤§à¤¿ à¤à¥€ इनका कारण हो सकती है।
अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद ये सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ गायब हो जाते हैं या अपने आप à¤à¤¡à¤¼ जाते हैं।
सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ का उपचार
अगर शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आपके सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ न हटें या आपको इनसे परेशानी हो तो अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। वे आपको तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग विशेषजà¥à¤ž के पास जाने की सलाह दे सकती हैं जो कि इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फà¥à¤°à¥€à¤œ करके या छोटी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के जरिये हटा सकते हैं।
कà¥à¤› लोग सलाह देते हैं कि सà¥à¤•िन टैग के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को धागे से बांधकर अपने आप à¤à¥€ हटाया जा सकता है। धागा बांधने से सà¥à¤•िन टैग तक खून की आपूरà¥à¤¤à¤¿ रà¥à¤• जाती है और ये अपने आप à¤à¤¡à¤¼ जाते हैं। पारंपरिक तौर पर बà¥à¤œà¤°à¥à¤— सलाह देते थे कि घोड़े के à¤à¤• या दो बाल सà¥à¤•िन टैगà¥à¤¸ पर कसकर बांधने से ये हट जाते हैं। हालांकि, à¤à¤¸à¥‡ कोई à¤à¥€ तरीके आजमाने से पहले अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करे।।
अगर सà¥à¤•िन टैग बड़ा हो तो इसे खà¥à¤¦ से हाटने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ न करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खून बह सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में हो रहे बदलाव किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत हैं?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरानमसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में थोड़े-बहà¥à¤¤ बदलाव आना सामानà¥à¤¯ है और चिंता की बात नहीं होती।
मसà¥à¤¸à¥‡ और à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤‚ कई बाहर थोड़ी गहरे रंग की होती हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखाई देते हैं। शरीर में ईसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥€à¤°à¥‹à¤¨ की अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ तà¥à¤µà¤šà¤¾ में मेलनिन कोशिकओं को और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट बनाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करती हैं। मसà¥à¤¸à¥‡ और à¤à¤¾à¤‡à¤¯à¤¾à¤‚ आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पिगà¥à¤®à¥‡à¤‚ट कोशिकाओं का समूह होता है, इसलिठनिपà¥à¤ªà¤² के चारों तरह के हिसà¥à¤¸à¥‡ की तरह ये à¤à¥€ गहरे रंग के हो सकते हैं।
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कोई मसà¥à¤¸à¤¾ बड़ा हो जाता है तो ये बदलाव à¤à¤• सीध में होता है, इसलिठकिसी à¤à¥€ तरह के असामानà¥à¤¯ बदलाव के बारे में धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। हालांकि, मसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ का कैंसर कारक होना बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है, मगर यदि आपकी कोई चिंता हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें:
समतल मसà¥à¤¸à¥‡ में अब उà¤à¤¾à¤° आ रहा हो
इसके किनारे दांतेदार या अनियमित से हों। अधिकांश मसà¥à¤¸à¥‡ गोलाकार या अंडाकार में होते हैं और किनारे à¤à¥€ उबड-खाबड़ नहीं होते।
रंगत असमान है
लाल है या दरà¥à¤¦ हो रहा है
संवेदनशील लगे या खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो
खून आठया पपड़ी जमे
सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बड़ा दिखे
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के उपाय
अगर आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बहà¥à¤¤ सारे मसà¥à¤¸à¥‡ हों तो इसे धूप से बचाना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताया गया उचित सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ लगाà¤à¤‚। जितना हा सके छाया में रहें और तेज धूप के समय बाहर जाà¤à¤‚ तो छाता साथ लेकर जाà¤à¤‚।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पपड़ी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बनती है और इससे बचाव कैसे हो सकता है?
जब पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में आपको गरà¥à¤®à¥€ लगे और पसीना आठया कपड़े से रगड़ खाने की वजह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ व असहजता हो सकती है। à¤à¤¸à¤¾ अकà¥à¤¸à¤° उन जगहों पर होता है जो गरà¥à¤® रहती हैं जैसे कि जांघों के बीच में या सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ के नीचे की तरफ।
कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° रगड़ खाने वाली तà¥à¤µà¤šà¤¾ में थà¥à¤°à¤¶ (यीसà¥à¤Ÿ या कवक) इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है। अगर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में सूजन हो या फफोले होने लगें या इनमें से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आने लगे तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तà¥à¤µà¤šà¤¾ को रगड़ खाने से बचाने के उपाय:
ढीले-ढाले सूती कपड़े पहनने से आपको शायद आराम मिलेगा।
अगर आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रगड़ से छिलने लगे तो कोशिश करने कि उसे हिसà¥à¤¸à¥‡ को जितना हो सके सूखा रखें। आप शायद पाà¤à¤‚गी कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताà¤à¤‚ गठटैलà¥à¤•म पाउडर लगाने से आराम मिलता है।
कà¥à¤¯à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में "सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ" की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और बढ़ सकती है?
हा, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और बिगड़ सकती है। हालांकि, शिशॠके जनà¥à¤® के बाद जैसे-जैसे आपका वजन कम होगा यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¥€ बेहतर हो जाà¤à¤—ी।
सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ, वसा यानि चरà¥à¤¬à¥€ (फैट) है जो आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ के अंदर की पॉकेटà¥à¤¸ में जमा हो जाती है। इस चरà¥à¤¬à¥€ को तà¥à¤µà¤šà¤¾ से जोड़ने वाले कॉलेजन फाइबर में खिंचाव हो सकता है या ये टूट सकते हैं या फिर तेज कसाव हो सकता है। इस वजह से फैट सेलà¥à¤¸ उà¤à¤°à¤•र बाहर आ जाती है और दिखाई देने लगती हैं। इससे ही सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ को डिंपल जैसे दिखता है, जिसके कई बार ऑरेंज पील इफेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ कहते हैं।
आमतौर पर सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ जांघों, कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ और नितंबों पर दिखता है। हालांकि, ये घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, पेट और बगल व ऊपरी बाजू में दिख सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यह सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¦à¥à¤¦à¤¾ लगता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की वजन वृदà¥à¤§à¤¿ की वजह से अब यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखाई देता है। हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ संबंधी बदलाव à¤à¥€ इसका कारण होते हैं।
अगर आपकी माठको à¤à¥€ यह हà¥à¤† था तो आपको à¤à¥€ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ाने के अनà¥à¤¯ कारणों में शामिल हैं:
आप कà¥à¤¯à¤¾ खाती हैं
आपका शरीर कितना जलनियोजित है
आपको हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ का सà¥à¤¤à¤°
आपका शरीर ऊरà¥à¤œà¤¾ को कैसे इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करता है
सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ कोई बामारी नहीं है, मगर इससे आपको परेशानी हो सकती है या आपके आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ का उपचार
मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤¿à¤‚ग कà¥à¤°à¥€à¤® लगाने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ की दिखावट में असà¥à¤¥à¤¾à¤ˆ सà¥à¤§à¤¾à¤° आ सकता है। मालिश करने के बाद यह और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सृदृढ़ लग सकती है।
परिवारजन या दोसà¥à¤¤ आपको हरà¥à¤¬à¤² उपाय, गोलियां, सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤² चाय या à¤à¥‹à¤œà¤¨, मालिश या टाइट कपड़े आदि की सलाह दे सकते हैं, मगर कहा नहीं जा सकता कि ये कितने कारगर होंगे। वासà¥à¤µà¤¤ में à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤› तरीके शायद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली माठके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ à¤à¥€ न हों।
सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका है शिशॠके जनà¥à¤® के बाद धीरे-धीरे वजन कम करना। आप बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ वजन घटाने के तरीके न अपनाà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बिगड़ सकती है।
डिलीवरी के बाद सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ पà¥à¤²à¤¾à¤¨ के साथ-साथ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार के सवेन से धीरे-धीरे आपके सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° आà¤à¤—ा।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि सेलà¥à¤¯à¥à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ के लिठलिपोसकà¥à¤¶à¤¨ की सलाह नहीं दी जाती और इससे सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और बिगड़ सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पैर के तलवों की तà¥à¤µà¤šà¤¾ सखà¥à¤¤ होना आम है?
इसके लिठआपको कà¥à¤› समय निकालकर अपने पैरों पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना है!
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में तलवों और à¤à¤¡à¤¼à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ सखà¥à¤¤ होना आम है। जैसे-जैसे आपका वजन बढ़ता है आपके गà¥à¤°à¥à¤¤à¥à¤µ बल का केंदà¥à¤° बदलता है जिससे आपके चलने और खड़े होने का तरीका बदलता है। पैरों पर इस अतिरिकà¥à¤¤ दबाव की वजह से मोटी, सखà¥à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ बनने लगती है।
पारà¥à¤²à¤° में जाकर पेडिकà¥à¤¯à¥‹à¤° करवाने से पैरों की सखà¥à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ नरम हो सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेडिकà¥à¤¯à¥‹à¤° करवाना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है, मगर आप पारà¥à¤²à¤° के सà¥à¤Ÿà¤¾à¤« को फिर à¤à¥€ बता दें कि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं।
वहीं दूसरी तरफ यदि आपके पास समय की कमी है या आप पैसे खरà¥à¤š न करना चाहें तो घर पर à¤à¥€ उपाय आजमा सकती हैं। आप शायद पाà¤à¤‚गी कि बढ़े हà¥à¤ पेट के साथ सैंडल पहनने के लिठà¤à¥à¤•ना à¤à¥€ आपके लिठचà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ है, इसलिठखà¥à¤¦ पैडिकà¥à¤¯à¥‹à¤° करना तो नामà¥à¤®à¤•िन ही होगा।
आप परिवार के किसी सदसà¥à¤¯ से मदद ले सकती हैं।अगर आपके पास मालिशवाली है तो उसे आप तरीका समà¤à¤¾à¤•र पेडिकà¥à¤¯à¥‹à¤° करवा सकती है। आप अपने आसपास किसी अनà¥à¤à¤µà¥€ बà¥à¤¯à¥‚टीशियन को घर à¤à¥€ बà¥à¤²à¤¾ सकती है या फिर ऑनलाइन à¤à¥€ होम सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ बà¥à¤• करा सकती हैं।
घर पर पेडिकà¥à¤¯à¥‹à¤° करने के आसान तरीके:
अपने पैरों को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में डà¥à¤¬à¥‹à¤•र रखें। इससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ नरम होगी।
इसके बाद तà¥à¤µà¤šà¤¾ से डेड सà¥à¤•िन को हटाà¤à¤‚।
आप à¤à¤¾à¤‚वां, लूफा या फà¥à¤Ÿ फाइलर से रगड़ कर सखà¥à¤¤ तà¥à¤µà¤šà¤¾ हटा सकती हैं।
पैरों को धोकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थप-थपाकर सà¥à¤–ाà¤à¤‚।
इन पर मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° लगा लें।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप पेडिकà¥à¤¯à¥‹à¤° के दौरान आराम से बैठी हों। साथ ही मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पूरी तरह समा जाने दें वरना चिकने पैर होने की वजह से आपके गिरने का खतरा. रहेगा।
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